ईरान पर टार्गेट हमलों में AI का रोल! ‘रहस्यमयी’ कंपनी को अमेरिका ने दिया बड़ा इनाम

अमेरिका ने ईरान पर टार्गेट हमलों में मदद करने वाली एआई कंपनी Palantir टेक्‍नोलजीज को इनाम दिया है और उसके Maven AI सिस्‍टम को अमेरिकी रक्षा विभाग का प्रोग्राम ऑफ रिकॉर्ड यानी आध‍िकारिक कार्यक्रम बनाने का निर्णय लिया है। Palantir को दुनिया की सबसे ‘रहस्‍यमयी’ एआई कंपनी माना जाता है। यह अपनी प्राइवेसी के लिए जानी जाती है और सरकारों को जासूसी व सैन्‍य अभियानों में मदद करती है। Palantir का Maven AI सिस्‍टम पहले से ही अमेरिकी सेना का प्रमुख एआई ऑपरेटिंग सिस्‍टम बना हुआ है। हाल के हफ्तों में इसने ईरान के ख‍िलाफ हजारों की संख्‍या में टार्गेटेड हमलों में मदद की है।

अमेरिकी रक्षा विभाग का फैसला
हमारे सहयोगी Gadgets Now की रिपोर्ट के अनुसार, रॉयटर्स द्वारा रिव्‍यू किए गए अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ डिफेंस स्टीव फेनबर्ग का एक ज्ञापन बताता है कि अमेरिकी रक्षा विभाग ने पलान्टिर के 'मेवन' (Maven) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम को एक 'प्रोग्राम ऑफ रिकॉर्ड' (आधिकारिक कार्यक्रम) बनाने का निर्णय लिया है। इस फैसले से मेवन एआई का अमेरिकी सेना में लंबे समय तक इस्‍तेमाल करना तय हो गया है।

ये भी पढ़ें :  सोते समय स्मार्टवॉच पहनना: फायदे या नुकसान? जानें असलियत

2017 में शुरू हुआ था प्रोजेक्‍ट मेवन
प्रोजेक्‍ट मेवन को अमेरिकी सरकार ने ही शुरू किया था। तब गूगल इससे जुड़ी थी। रिपोर्टों के अनुसार, गूगल कर्मचारियों को जब यह पता चला कि प्रोजेक्‍ट मेवन के डेवलपमेंट के बाद इसे लोगों को मारने में इस्‍तेमाल किया जा सकता है तो विरोध शुरू हुए और गूगल प्रोजेक्‍ट से पीछे हट गई। बाद में अन्‍य कंपनियों जैसे- Palantir, एमेजॉन वेब सर्विसेज और एंथ्रोपिक ने इस प्रोजेक्‍ट पर काम किया। एंथ्रोपिक इसी साल मेवन एआई से अलग हो गई है। आज यह इतना डेवलप हो गया है कि इसे ‘युद्ध ऑपरेटिंग सिस्‍टम’ के रूप में देखा जाता है।

ये भी पढ़ें :  सड़ी-गली हालत में म‍िली PAK एक्ट्रेस की लाश, घर में 2 हफ्तों तक सड़ता रहा शव

युद्ध क्षेत्र का ‘गूगल मैप्‍स’ बनने का लक्ष्‍य
रिपोर्टों के अनुसार, मेवन एआई को युद्ध क्षेत्र का ‘गूगल मैप्‍स’ बनाने का लक्ष्‍य है। जिस तरह गूगल मैप्‍स किसी रास्‍ते के बारे में बताता है, उसी तरह से मेवन एआई बताता है कि दुश्‍मन का ठ‍िकाना कहां है। जो काम पहले इंसानी विश्‍लेषण से होता था, उसे अब एआई कर रहा है और सेकंडों में टार्गेट को ढूंढ लिया जाता है। जानकारी के अनुसार, मेवन एआई की खूबी है कि यह अलग-अलग जगहों से आने वाले डेटा को जोड़कर एक कॉमन इमेज तैयार करता है जिससे युद्ध का पूरा क्षेत्र एक स्‍क्रीन में देखा जा सकता है।

ये भी पढ़ें :  मई मासिक राशिफल: मेष से मीन तक कई राशियों के लिए रहेगा शुभ समय

मेवन AI के इस्‍तेमाल पर उठते सवाल?
मेवन AI के इस्‍तेमाल ने कई सवाल खड़े किए हैं।

    क्‍या एआई तय करेगा कि किसे मारना है? हालांकि इस मामले में आखिर फैसला इंसान ही लेता है।
    अगर एआई ने कोई गलती की जैसे- ऐसी जगह को न‍िशाना बनवा दिया जहां बच्‍चे या आम इंसान हों तो उसकी जिम्‍मेदारी कौन लेगा?

Share

Leave a Comment